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यहाँ हम चर्चा करेंगे कि सारी चीज़ों का आयोजन कैसे किया गया है और उनका उपयोग कैसे किया जाता है.

वेबसाइट के लेखों में खोजने के लिए, ऊपर दाईं ओर स्थित खोज बॉक्स का उपयोग करें. डेटाबेस की खोज के लिए, आगे पढ़ें.

जब आप डेटाबेस ब्राउज़ कर रहे हों तब खोज बॉक्स प्रदान किए जाते हैं. खोज करने के दो तरीके हैं. यदि आप कुछ शब्द सर्च बॉक्स में रखते हैं, तो आपको उस शब्द के साथ सभी आइटम कहीं भी मिल जाएंगे. उन्नत खोज (Advanced Search) में अधिक विस्तृत खोज की जा सकती है.

उदाहरण देखिये. मान लो कि आप फ़िल्म क्षेत्र में हैं, आप 'घोष' टाइप करते हैं. आप को फ़िल्म 25 जुलाई और आंदोलन मिल जाएंगी, 'राम' जैसे सामान्य शब्दों का उपयोग करने से सावधान रहें क्योंकि इससे आपको फ़िल्म आराम मिलेगी, साथ ही कलाकारों में मनसाराम और परशुराम के साथ फ़िल्में भी होंगी! इससे बचने के लिए शब्द के आरंभ में एक space का उपयोग करें, जैसे ' राम'. वैसे इसमें आपको फ़िल्म आराम भी मिलेगी

उन्नत खोज अलग तरीके से काम करती है. उदाहरण के रूप में गीत की जानकारी का उपयोग करें. आइए हम कहते हैं कि हम उन सभी गीतों को खोजना चाहते हैं जिन्हें लता ने गाया था और हसरत ने गीत लिखे थे. उन्नत खोज पर क्लिक करें, फिर +  पर क्लिक करें. आपको Where से शुरु होने एक लाइन देगी. ड्रॉप-डाउन में इसके बगल में स्थित गाना गायक पर जाएं. ड्रॉप-डाउन में CONTAINS ही रहने दें. Value 'लता' करें. फिर + ADD पर क्लिक करें, आपको एक और लाइन मिलेगी. अब गाना गीतकार को खोजें, CONTAINS रहने दें और value  में ‘हसरत’' टाइप करें. अप्लाई पर क्लिक करें. बॉक्स के निचले बॉर्डर पर तब तक क्लिक करें जब तक आपको एक तीर दिखाई न दे, फिर नीचे खींचें. अप्लाई पर क्लिक करने के बाद, आपको आवारा के तीन गाने दिखाई देंगे. 

आप दो से अधिक लाइनें जोड़ सकते हैं. और, आप अन्य शर्तों का भी उपयोग कर सकते हैं, जैसे EQUALS, BEGINS with.

उर्दू  अक्षरों का ध्यान रखें. हमने नीचे वाली बिंदु का यथोचित  प्रयोग किया है. इसलिए किस्मत लिखने पर कुछ नहीं मिलेगा. बिंदु सहित क़िस्मत ही लिखना होगा. और ख़ानदान, मुग़ल-ए-आज़म इत्यादि.

Additional information being included in this database from the following sources:

Appendices appearing at the end of each Geet Kosh volume

Updates appearing in Listeners’ Bulletin (up to issue no.184-March 2020)

‘Hamraaz’ personal notebooks

Additional information found in subsequently printed books, magazines, booklets, records, etc. and collected by ‘Hamraaz’

Additional information sent to ‘Hamraaz’ by people all over the world

 

Here we will discuss how the information is organized and how to use it.

For searching the website articles, use the Search box on the top right. For searching the database, read on.

Search boxes are provided when you are browsing databases. There are two ways to search. If you put some word in the Search Box, you will get all the items with that word anywhere. More detailed search can be done in Advanced Search.

This is best explained by examples. Let us say you are in the Film Area, you type ‘ghosh’. You will get 25th July and Aandolan, because of the Music Directors. Beware of using too common words like ‘raam’ because this will give you the film Aaraam, as well films with Mansaaraam and Parashuraam in the cast! To avoid this use a space in front, eg ‘ raam’. This will give you only the film Aaraam because of the Asst MD Raam Sinh.

Advanced search works differently. Let use the Song Information as example. Let us say we want to find all the songs which Lataa sang and Hasarat wrote the lyrics. Click on Advanced Search, then click on +Add. You will see a line beginning with Where. Next to it in the drop-down go down to SONG SING. Next in the Condition drop-down, leave it as CONTAINS. Next in the Value type in ‘lataa’. The click an +ADD again, you will get another line. Now find SONG LYRIC, leave the condition as CONTAINS and type ‘hasarat’ in the Value. Click on Apply. If you don’t see it, click on the bottom border of the box until you see an arrow, then drag down. After clicking on Apply, you will see the three songs from Aavaaraa. Be careful about spelling, Typing ‘hasrat’ will not give anything, because we are using Phonetic spelling. However. ‘lata’ will work, because ‘lata’ is contained in ‘lataa’.

You can add more than two lines. And, you can also use other Conditions, such as EQUALS (exact match), BEGINS WITH.

For future reference, here is the phonetic alphabet for Hindi used here.

a aa i ee u oo e ai o au n h

k kh g gh n

ch chh j jh n

t th d dh n

t th d dh n

p ph b bh m

y r l v

sh sh s h ksh tr gy

Urdu letters are kh, gh, z, f

Running list of volunteers

Note: This list of people helping with the Database and Website. People who helped with the books are listed here Indebtedness, आभार

Narsingh D Agnish, US

MK Shukla, Lucknow

Shyam Daga, Jalna

Yasir Abbasi, Gurugram

Gajendra Khanna, Bangalore

Gurcharan Sandhu, UK

N Ramaswamy, Kuwait

Pavan Jha, Jaipur

Vinay Jain, US

Anonymous, US

Upendra Samaranayake, US

Ajeenkya Sampat, Mumbai

Surender Madani, Hyderabad

 

 

 

हिंदी फ़िल्म गीत कोश खंडों का कंप्यूटरीकरण

परदे के पीछे की कहानी

‘हमराज़’ की कलम से

कहानी शुरू होती है अक्तूबर 1993 से जब मैंने कंप्यूटर [PC-386, a 32-bit personal computer with a 20-MHz 80386 CPU that could run PC-98 series software at more than twice the speed of 16-bit machines] तो ख़रीद लिया लेकिन उस पर काम करना तो छोड़िए, मुझे इसको चालू करना भी नहीं आता था. कंप्यूटर ख़रीदने का मक़सद ये था कि हिंदी फ़िल्मों एवं गीतों संबंधी समस्त जानकारी के संकलन का न केवल शेष सारा कार्य सीधे कंप्यूटर पर ही किया जाएगा बल्कि पूर्व प्रकाशित गीत कोश खंडों में दी गई सारी जानकारी को कंप्यूटर में ही भर दिया जाए.

कंप्यूटर ख़रीदने के तुरंत बाद मैंने लिस्नर्स बुलेटिन (त्रैमासिक/अक्तूबर 1971 से प्रकाशित) अंक 93 - नवंबर 1993 - में गीत कोश खंडों के कंप्यूटरीकरण किए जाने की घोषणा कर दी भले ही मैं डाटाबेस और प्रोग्रामिंग आदि के बारे में तब तक कुछ भी नहीं जानता था. लेकिन लगभग 3 वर्षों में अपनी मेहनत से मैंने हिंदी फ़िल्म गीत कोश, खंड-3 (1951-60) की समस्त जानकारी को न केवल कंप्यूटर में हिंदी में भर दिया बल्कि उसकी सहायता से उसका प्रकाशन भी अप्रैल 1997 में कर दिया. इसके बाद मैंने पूर्व-प्रकाशित सभी गीत कोश खंडों की जानकारी को कंप्यूटर में भरने का इरादा बनाया ताकि किसी भी तरह की वाँछित सूची या जानकारी तुरंत हासिल की जा सके और गीत कोश खंडों को बार-बार पलटना न पड़े. इसी सिलसिले में मेरी पहली मुलाक़ात दिसंबर 1999 में अहमदाबाद के एक संगीत-प्रेमी से हुई जिन्होंने गीत कोश खंडों की जानकारी को कंप्यूटर में भरने का सारा कार्य अपनी देखरेख में कराने का भरोसा दिलाया. इस वृहद योजना पर काम शुरू तो हुआ लेकिन 4-5 वर्ष बीत जाने के बाद भी अंजाम तक नहीं पहुँच पाया. इस दौरान टेक्नोलॉजी भी बदल गई और खंड-3 संबंधी कंप्यूटर में भरी गई समस्त जानकारी भी बेकार चली गई. उसके बाद लगभग एक दशक तक 5-6 प्रयास अलग-अलग शहरों के कंप्यूटर के जानकार लोगों की मदद से किए गए. वक़्त और पैसे की बरबादी के अलावा कुछ हाथ नहीं लगा. अंतिम प्रयास 2012 से 2014 के बीच किया गया . अफ़्सोस कि लाखों रुपए का भुगतान भी किया लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात. इतना कड़वा अनुभव तो मुझे पिछले 40-45 बरसों में भी नहीं हुआ था. लिहाज़ा, मुझे यह महसूस हुआ कि जब तक मैं स्वयं इस योजना में सक्रिय रूप से भाग नहीं लेता, यह योजना कभी भी पूरी नहीं होगी.

इसी कड़ी में कुछ अनुभव प्राप्त करने के लिए मैंने गीत कोश, खंड-6 (1981-85) का संकलन सीधे कंप्यूटर पर ही किया और अंततः इसका प्रकाशन भी मार्च 2018 में कर दिया. इस अनुभव के साथ मुझे हमेशा की तरह डॉ. सुरजीत सिंह (मिशीगन, अमरीका) के सहयोग का आश्वासन मिला और तब इस वृहद योजना पर काम शुरू हो गया. यह बताने की ज़रूरत तो नहीं कि गीत कोश खंडों की समस्त जानकारी को कंप्यूटर में भरने की ज़िम्मेदारी मैंने संभाली और डॉ. सुरजीत सिंह ने इस जानकारी को इंटरनेट के माध्यम से संगीत-प्रेमियों के सामने प्रस्तुत करने का कार्यभार संभाला. यह कार्य भी उतना ही कठिन और थका देने वाला साबित हुआ जितना कि हिंदी फ़िल्मों एवं गीतों की जानकारी का संकलन कार्य था.

देर आयद दुरुस्त आयद को चरितार्थ करते हुए नतीजा आपके सामने है. गीत कोश खंडों के पुस्तक रूप में प्रकाशन के बाद पिछले 4 दशकों में जो जानकारी मुझे हासिल हुई, उसका समावेश भी इंटरनेट के माध्यम से प्रस्तुत जानकारी में किया जा रहा है.

हमारे सम्मिलित प्रयासों का नतीजा आपके सामने है. इस योजना के अंतर्गत प्रस्तुत की जाने वाली समस्त जानकारी को किश्तों में ही सही, आपके सामने प्रस्तुत किया जा रहा है. ये भी एक सपना था जो सच होकर सामने आ रहा है

हम जनता को  उपलब्ध कराने से पहले सभी छह संस्करणों के लिए डेटा प्रविष्टि, इसके अलावा, जाँच, संपादन और सुधार के सभी काम ख़त्म करने की योजना बना रहे थे. लेकिन, हाल ही में हमें  यह  पता चला कि हमारी पिछली, बहुत महंगी, लेकिन असफल, दोषपूर्ण और अधूरी प्रतियों का फल अत्यधिक कीमतों पर बेचा  जा रहा  है. इसलिए, हमने जितना भी होता जाता है उतना ही डेटा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है.